Monday, March 20, 2017

जयपुर के मजदूर

आज सुबह जयपुर में निर्माण मजदूरों के ठिये पर सभा हुई,
मैने उन्हें आदिवासियों के ऊपर सरकारी हमलों के बारे में बताया,
दर्द से दर्द का पुराना रिश्ता होता है,
मज़दूरों ने बस्तर का दर्द एकदम समझ लिया,
इन मज़दूरों में बड़ी संख्या महिला मज़दूरों की भी थी,
मज़दूर साथियों ने बताया नोटबन्दी ने मजदूरों की कमर तोड़ दी है,
90% मज़दूर घर वापिस चले गये हैं,
मज़दूरी 4OO से घटकर 250 रह गई है,
कर्ज लेकर कब तक जियें,
बड़े निर्माण कार्यों में दूसरे प्रदेशों से मज़दूरों को सस्ती मज़दूरी पर लाया जा रहा है,
न्यूनतम वेतन और काम के समय तथा अन्य कानूनों का खुले आम उल्लंघन किया जा रहा है,
सरकार आंख मूंद कर बैठी हुई है,
हमारे साथी हरकेश मज़दूर शिक्षा का काम शुरू कर रहे हैं,
उन्होंने मुझे भी शामिल होने के लिये कहा है,
मैनें हां कहा है,

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