Monday, March 20, 2017

कोई सैनिक युद्द को पसंद नहीं करता

मेरी एक परिचित हैं,
वे टीवी के समाचारों की आवाज़ से घबराती हैं,
उन्हें समाचारों की आवाज़ सुन कर डर लगने लगता है,
उनके पति सेना में हैं,
उन्हें डर लगता है कि कहीं टीवी पर युद्ध का समाचार ना सुनाई पड़ जाये,
उनके दो प्यारे बच्चे हैं,
जब भी उनके पति छुट्टियों में घर आते हैं वो हमारे परिवार को अपने घर नाश्ता, लंच और डिनर पर अक्सर बुला लेती हैं,
उनके पति हम सब का बहुत सम्मान करते हैं,
वो धीमी आवाज़ में बोलने वाले एक सज्जन व्यक्ति हैं,
मैं उन्हें अपने छोटे भाई जैसा प्रेम करता हूँ,
युद्ध किसी भी सिपाही को पसन्द नहीं है,
युद्ध में कोई महानता नहीं है,
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध साम्प्रदायिक नफरत की वजह से होते हैं,
जैसे ही हम अपनी साम्प्रदायिकता की मूर्खता से आज़ाद होंगे,
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध भी समाप्त हो जायेंगे,
मैं अपनी साइकिल यात्रा में नौजवानों से पूछता हूँ कि कौन से देश में काम करने वालों को नीच माना जाता है ?
हमारे देश में सफाई करने वालों को नीच कहा जाता है,
जूता बनाने वालों को, कपड़ा बनाने वालों कों,
मिट्टी के या पीतल के बर्तन बनाने वालों को,
लोहे का सामान बनाने वालों को सिर्फ हमारे ही देश में नीच माना जाता है,
फिर भी आप कहते हो मेरा देश सबसे महान है और पाकिस्तान सबसे बुरा है,
जिस देश को आपने देखा नहीं उससे आप सबसे ज़्यादा नफरत करते हो,
और आपके चारों तरफ जहाँ अन्याय फैला हुआ है उस पर आप गर्व करते हो,
लेकिन यह तो सुधार का रास्ता नहीं है,
सुधार का रास्ता यह है कि अपनी बुराइयां खोजो और उन्हें ठीक करो,
और दूसरों की अच्छाइयां देखो और उन्हें अपना लो,
इसी में आपका फायदा है,
लेकिन आपको उल्टे काम में लगा दिया गया है ,
आप दूसरों की बुराइयां खोजते रहते हैं,
और अपनी बुराइयों पर झूठा गर्व करते रहते हैं,
आपका रास्ता बर्बादी का रास्ता है,
कोई भी कौम झूठे गर्व से ना तो महान बनती है,
ना उसकी प्रगति होती है,
बल्कि ऐसे झूठे घमंड में डूबी कौम धीरे धीरे मर जाती है,
अभी भी वख्त है आंखें खोलो और खुद को बचा लो,

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