Monday, March 20, 2017

कब्रिस्तान और चुनाव

प्रधानमंत्री ने कल उत्तर प्रदेश में कब्रिस्तान बनाम श्मशान वाला शर्मनाक भाषण दिया है,
लेकिन इस देश में कुछ और भी लोग हैं,
कुछ लोगों को मरने के बाद ना कब्रिस्तान चाहिये ना श्मशान,
मेरे पिता मरे तो उनका शरीर मेडिकल कालेज को दान दे दिया गया,
मैने भी देह दान का शपथ पत्र भर कर अपने बेटियों को मेरे शरीर को भी ऐसे ही मेडिकल कालेज को सौंप देने को कह दिया है,
मेरे परिवार में मेरी पत्नी पंजाबी खत्री है, मेरे एक बहनोई मुस्लिम हैं दूसरे आदिवासी, एक दामाद सिख हैं, एक पुत्रवधु इसाई,
हमारे घर में सारे त्यौहार भी मनाये जाते हैं,
मोदी जी चुनावी भाषणों में हम लोगों की भावनाओं का ख्याल क्यों नहीं रखते ?
ये हिन्दुओं को मुसलमानों के खिलाफ भड़का कर चुनाव क्यों जीतना चाहते हैं ?
ये समाज को नफरत और लड़ाइयों वाले युग में धकेल कर देश का क्या भला करना चाहते हैं ?

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