Monday, March 20, 2017

सरकार अपराधी होने के बावजूद मज़े में है

छत्तीसगढ़ में मैंने मानवाधिकार हनन के जो भी गंभीर मामले उठाये हैं उनमे से एक में भी छत्तीसगढ़ सरकार आज तक हिमांशु कुमार को झूठा साबित नहीं कर पायी .
अलबत्ता हिमांशु कुमार ने छत्तीसगढ़ सरकार को अनेकों मामलों में झूठा साबित कर दिया है .
माटवाडा में पुलिस द्वारा तीन आदिवासियों की चाकू से आँखें निकाल कर मार डाला था .
मैं इस मामले को हाई कोर्ट में ले गया .
डीजीपी ने कहा हिमांशु नक्सली है इसलिए सरकार को बदनाम करने के लिए झूठी बातें बना रहा है .
लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जब मामले की जांच करी तो साफ हो गया कि सरकार ही झूठ बोल रही थी .
इस मामले में तीन पुलिस आधिकारियों को जेल में डालना पड़ा .
सिंगारम में उन्नीस आदिवासियों की हत्या पुलिस ने करी .
मैं इस मामले को हाई कोर्ट में ले गया .
सरकार ने बदला लेने के लिए मेरे आश्रम पर बुलडोजर चला दिया .
लेकिन पिछले साल मानवाधिकार आयोग ने अपनी रिपोर्ट में लिख दिया है कि वाकई में मारे गए लोग निर्दोष आदिवासी ही थे .
सोनी सोरी के मामले में सोनी के साथ साथ हमें भी नक्सली कहा गया .
अब साफ़ हो गया है सोनी निर्दोष थी .
बल्कि सरकार ही अपराधी है .
लेकिन मैं सच्चा होने के बावजूद छत्तीसगढ़ में काम नहीं कर सकता .
सरकार अपराधी होने के बावजूद मजे में है .

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