Monday, March 20, 2017

इस उम्र में साइकिल यात्रा

लोग पूछते हैं आप इस उम्र में साइकिल पर लोगों से चर्चा करने और माहौल बदलने निकले हैं ?
मैं कहता हूं युवा वह है जिसे अभी भी यकीन है कि हालात बदल सकते हैं,
और बूढ़ा वह है जो यह मान कर उम्मीद छोड़ देता है कि अब दुनिया नहीं बदल सकती,
लोग कहते हैं क्या आपके साइकिल पर घूमने से दुनिया बदल जायेगी ?
मैं कहता हूँ क्या मेरे घर में बैठे रहने से दुनिया बदल जायेगी ?
हम जिन्दगी के आखीर में नये बच्चों से कह तो पायेंगे कि हमने हालात बदलने की कोशिशें करी थीं,
अब तुम्हारी बारी है,
अगर हमारी पीढ़ी ही सड़क पर नही उतरेगी,
तो नई पीढ़ी सड़कों पर उतर कर लड़ना किसे देख कर सीखेगी ?

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