दन्तेवाड़ा वाणी

Thursday, January 27, 2011

http://www.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fwww.youtube.com%2Fwatch%3Fv%3Dtse4cw3XhDU&h=96829
Posted by Himanshu Kumar at Thursday, January 27, 2011
Email ThisBlogThis!Share to XShare to FacebookShare to Pinterest

No comments:

Post a Comment

Newer Post Older Post Home
Subscribe to: Post Comments (Atom)

Himanshu Kumar

Himanshu Kumar

Followers

Popular Posts

  • सोनी सोरी - २
    सोनी सोरी का एक भतीजा था . उसका नाम लिंगा कोडोपी था . लिंगा कोडोपी के बड़े भाई ने बैंक से क़र्ज़ लेकर एक जीप खरीदी . लिंगा कोडोपी अपने...
  • किसका विकास हो रहा है ये ?
    सरकार कहती है वह विकास करना चाहती है !सरकार का दावा है कि वह देश का विकास करना चाहती है !आइये छत्तीसगढ़ में सरकार किसका विकास कर रही है इसकी...
  • आज जहां राष्ट्रपति भवन है वहाँ पहले रायसीना गाँव था
    दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस से कहा है कि दिल्ली में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों पर नज़र रखी जाय क्योंकि कोर्ट को लगता है कि ज्यादातर अपरा...
  • अब तक अन्ना को गाली दे रहा था ! कल फैसला किया अब नहीं दूंगा !
    गांधी ने कहा था " मुझे जो बात आज सत्य लगती है उसे मैं आज सत्य कहूँगा कल अगर कोई दूसरी बात सत्य लगी तो अपनी आज की बात से बिलकुल मुकर जाऊ...
  • Gandhi’s Assassination
    Gandhi’s assassination was attempted from 1934 itself! When Gandhi ji returned to India, the first attempt to assassinate him was made...
  • अब मुझे फिर वापिस चाहिए अपना बनाया हुआ लोकतंत्र
    मैंने अपने लिए बनाया था लोकतंत्र ! अपनी संसद , अपनी बेटी की रक्षा के लिए पुलिस, अपनी अदालत, जिसमे मैं तुम्हे पेश कर दूं , जब भी मुझे गु...
  • सीता हारेगी तो कौन जीतेगा ? नक्सली या सरकार ?
    सीता की उम्र लगभग सत्रह साल ! शाम को अपने घर में बर्तन साफ़ कर रही थी! तभी सलवा जुडूम और सुरक्षा बलों ने गाँव पर हमला बोल दिया !  गाँव के ...
  • कौन सी राजनीति आपको चाहिए ?
    राजनीति दो तरह की हो सकती है, पहली असली राजनीति, असली राजनीति का मतलब है जनता की समस्याओं को दूर करने वाली राजनीति, जैसे रोज़गार, शि...
  • शत्रु की मृत्यु से उपजी जय मेरा धर्म वाक्य है
    मैं उस सभ्यता का वंशज हूं जिसकी शुरुआत मे एक औरत की जली हुई लाश है जो मोहनजोदडो के तालाब की आखरी सीढ़ी पर पडी है और जो सभ्यता वर्तमान मे ...
  • मजदूर
    भारत में चालीस करोड़ मजदूर असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं . यानी ईंट भट्टे पर , चाय की दूकान पर , शापिंग माल में , या बाबु साहब लोगों के...

Blog Archive

Search This Blog

About Me

View my complete profile

Total Pageviews

Pages

  • Home
Powered By Blogger
Awesome Inc. theme. Powered by Blogger.