Saturday, September 24, 2011

हमारा क्या ?

तुम्हारे राम , तुम्हारे श्याम
तुम्हारे अल्ला , तुम्हारे गाड
हमारा क्या?
तुम्हारे शहर तुम्हारी शान
तुम्हारे महल तुम्हारी कार
हमारा क्या ?
तुम्हारे बम , तुम्हारे टैंक ,
तुम्हारी फौज , तुम्हारा दम ,
हमारा क्या ?
तुम्हारे नियम ,तुम्हारी बात
तुम्हारे हुकुम , तुम्हारी मार,
हमारा क्या?
तुम्हारा झंडा, तुम्हारी लाट ,
तुम्हारी संसद , तुम्हारा संविधान ,
हमारा क्या ?
तुम हो राष्ट्र वाद और धर्म ,
हम हैं राष्ट्र का कलंक ,
हमारा क्या ?
हम तो हैं जंगल की घास ,
जिसे तुम रौंद रहे दिन रात !
हमारा क्या ?

2 comments:

  1. हमारा क्या? आप शब्द पुष्टिकरण यानि वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दीजिए, टिप्पणी करते समय बार-बार यह परेशान करता है।

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